विश्व हिंदी दिवस 2026: सरकारी कार्यालयों और भर्ती परीक्षाओं में हिंदी की बढ़ती अहमियत
Rajbhasha Special Article
आज 10 जनवरी 2026 है—पूरे विश्व में हिंदी की गूंज सुनने का दिन। 1975 में नागपुर में हुए पहले विश्व हिंदी सम्मेलन की याद में हर साल आज का दिन ‘विश्व हिंदी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। वहीं, भारत के भीतर 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो हमारे सरकारी कामकाज की मुख्य धुरी है।
1. सरकारी कार्यालयों में हिंदी का संवैधानिक महत्व
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के तहत देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ की राजभाषा (Official Language) घोषित किया गया है। सरकारी कार्यालयों में हिंदी का प्रयोग केवल औपचारिकता नहीं है:
- राजभाषा नियम 1976: इसके तहत ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ क्षेत्रों में पत्राचार के अलग-अलग नियम बनाए गए हैं, ताकि सरकारी कामकाज जनता की भाषा में हो सके।
- डिजिटल क्रांति: ई-ऑफिस और डिजिटल इंडिया के दौर में अब अधिकांश सरकारी सॉफ्टवेयर और पोर्टल हिंदी में भी उपलब्ध हैं।
2. भर्ती परीक्षाओं (Recruitment) में हिंदी की भूमिका
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए हिंदी अब एक अनिवार्य कौशल बन चुकी है। SSC, UPSC, और IBPS जैसे भर्ती बोर्ड अब क्षेत्रीय भाषाओं और विशेषकर हिंदी को प्राथमिकता दे रहे हैं:
कैरियर के अवसर:
- राजभाषा अधिकारी: हर मंत्रालय और बैंक में ‘हिंदी अधिकारी’ के पद होते हैं (Level-10 तक की सैलरी)।
- अनुवादक (Translator): जूनियर और सीनियर हिंदी ट्रांसलेटर की मांग लगातार बढ़ रही है।
- दक्षता परीक्षा: सरकारी सेवा में आने के बाद भी ‘हिंदी कार्यसाधक ज्ञान’ (Working Knowledge) होना अनिवार्य है।
3. हिंदी दिवस पर संकल्प
आज विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर सरकारी कार्यालयों में गोष्ठियाँ और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किए जाते हैं। राजभाषा गौरव पुरस्कार और राजभाषा कीर्ति पुरस्कार उन कर्मचारियों को दिए जाते हैं जो अपना शत-प्रतिशत काम हिंदी में करते हैं।
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